15 अगस्त पर तिरंगा फहराने के लिए दलित महिला ने दिया DM ऑफिस पर धरना

मध्य प्रदेश। देश आजादी का 70वां साल मनाने की तैयारी कर रहा है लेकिन आज भी आजादी का जश्न बनाने की आजादी पूरी तरह से मिलती नहीं दिखाई पड़ रही है। मामला है मध्य प्रदेश के दमोह का जहां एक दलित महिला सरपंच पिछले कुछ दिनों से धरने पर बैठी हैं। मामला दलित महिला सरपंच को 15 अगस्त को पंचायत में झंडा फहराने नहीं देने का है। महिला सरपंच के अनुसार राज्य के मंत्री जयंत मलैया और उनका बेटा लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं। बताया गया है कि बगैर किसी ठोस जांच और नोटिस के दलित महिला को सरपंच के पद से हटाने की कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के कलेक्टर और पंचायत विभाग के अधिकारी मंत्री के इशारे पर दलित महिला को कानूनी पेचों में उलझा रहे हैं।

indian-flag

इस महिला सरपंच का नाम पूना बाई अहिरवार है। बाई अहिरवार न्याय की गुहार लेकर कलेक्टर दफ्तर के सामने धरने पर बैठी हैं। धरने पर बैठी बाई अहिरवार यहां से गुजरने वाले लोगों को बताती हैं कि चाहे राज्य की सरकार हो या केंद्र की दोनों दलितों के उत्थान की बात करती है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलटी है। बता दें कि पूना बाई बांदकपुर गांव से चुनाव लड़कर सरपंच चुनी गई हैं। लेकिन सालभर से बाई अहिरवार को पंचायत में अपने कामकाज को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बताते चलें कि पिछले साल 15 अगस्त को जब बाई अहिरवार ने झंडा फहराने का ऐलान किया तो 13 अगस्त 2015 को दलित महिला सरपंच को कलेक्टर के आदेश के बाद झंडा फहराने से रोक दिया गया। इसके बाद पूना बाई अहिरवार ने कलेक्टर के आदेश को कमिश्नर के न्यायालय में चुनौती दी। साल भर से चल रही सुनवाई के बाद 21 जुलाई 2016 को कमिश्नर ने कलेक्टर के आदेश को निरस्त कर, पूना बाई को वापस सरपंच के पद काबिज करने का आदेश जारी किया। महिला सरपंच का आरोप है कि इस आदेश के जारी होने के बाद लोकल विधायक और राज्य के कैबिनेट मंत्री जयंत मलैया फिर सक्रिय हो गए हैं और उसे सरपंच के पद पर नियुक्त नहीं करने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने लगे। जिसके चलते कलेक्टर ने अबतक पूना बाई के बहाली के आदेश जारी नहीं किए गए।

बताते चलें कि पूना बाई पंचायत भवन में 15 अगस्त को झंडा फहराना चाहती हैं। इसलिए वह कमिश्नर के आदेश पर अमल कराने के लिए कलेक्टर के दफ्तर के सामने धरने पर बैठी हैं। पीड़ित महिला सरपंच पूना बाई का आरोप है कि वित्त मंत्री और उनका बेटा नहीं चाहता कि वो सरपंच रहे। पूना बाई जिस बांदकपुर गांव की सरपंच है उस गांव को सांसद प्रह्लाद सिंह पटेल ने गोद लिया हुआ है। पूना बाई ने मामले की शिकायत सांसद से भी की है। तो वहीं दूसरी ओर मामले को लेकर राज्य के वित्त मंत्री जयंत मलैया का कहना है कि पूना बाई बेवजह बखेड़ा खड़ा कर रही हैं। अब देखना होगा कि क्या इस दलित महिला सरपंच को झंडा फहराने दिया जाता है या नहीं?

 

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s